श्री कल्याणी माता गौशाला चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा नगर की धार्मिक-सामाजिक संस्थाओं की संयुक्त सभा आयोजित♦♦
(पटियाला,18 जनवरी) श्री कल्याणी माता गौशाला चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से आज दिनांक 18 जनवरी को गौशाला के सभा भवन में एक महत्वपूर्ण सभा का आयोजन किया गया। इस सभा में पटियाला नगर की समस्त धार्मिक संस्थाओं, सामाजिक संगठनों एवं विभिन्न गौशाला कमेटियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
यह सभा नगर निगम द्वारा दिनांक 12 जनवरी 2026 को जारी उस नोटिस के संदर्भ में बुलाई गई, जिसमें डेयरी प्रोजेक्ट को शहर से बाहर स्थानांतरित करने के निर्णय के तहत श्री कल्याणी माता गौशाला चैरिटेबल ट्रस्ट को भी 15 दिनों के भीतर गौशाला शहर से बाहर ले जाने का निर्देश दिया गया है, अन्यथा कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
सभा में ट्रस्ट की ओर से बताया गया कि यह गौशाला शेरे-हिंद स्वर्गीय श्री पवन कुमार शर्मा जी द्वारा वर्ष 1985 में उस समय प्रारंभ की गई थी, जब आसपास के गांवों से दूध न देने वाली एवं निराश्रित गायों को रात के समय पटियाला शहर में छोड़ दिया जाता था। इन बेसहारा गौ माताओं की रक्षा एवं सेवा हेतु श्री पवन कुमार शर्मा जी ने श्री काली देवी मंदिर के पीछे लंगर भवन के समीप स्थान पर गौशाला स्थापित कर एक कमेटी का गठन किया।
बाद में 17 अगस्त 2009 को ब्रह्मलीन जगतगुरु पंचानंद गिरि जी महाराज द्वारा इस कमेटी को विधिवत ट्रस्ट का स्वरूप दिया गया तथा गौशाला को और अधिक व्यवस्थित रूप से संचालित किया जाने लगा। जब गौवंश की संख्या लगभग 400 तक पहुंची, तब समाज से “एक गज जमीन” देने का आह्वान किया गया, जिसके फलस्वरूप नाभा रोड स्थित ऐसे माजरा गांव में लगभग 35 वर्ग गज भूमि क्रय कर वर्ष 2011 में दूसरी गौशाला की स्थापना की गई तथा वहां भी कुछ गौवंश को स्थानांतरित किया गया।
सभा में यह भी स्पष्ट किया गया कि श्री कल्याणी माता गौशाला विशुद्ध रूप से धार्मिक एवं आध्यात्मिक संस्था है। हमारे वेद-उपनिषदों में गाय की महिमा का वर्णन किया गया है और गौ सेवा को सर्वोत्तम सेवा माना गया है। वर्तमान में गौशाला में लगभग 350 गौवंश हैं, जिनमें करीब 70 नंदी, लगभग 250 ऐसी गायें हैं जो दूध नहीं देतीं तथा केवल 30 देसी गायें थोड़ी मात्रा में दूध देती हैं। देसी गाय का दूध प्रतिदिन 1 से 3-4 किलोग्राम तक ही प्राप्त होता है। गौशाला से प्राप्त दूध नो प्रॉफिट-नो लॉस आधार पर जरूरतमंद लोगों को उपलब्ध कराया जाता है, जिनमें डॉक्टरों द्वारा देसी गाय का दूध लेने की सलाह पाने वाले मरीज, नवजात शिशु एवं कुछ कैंसर रोगी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त श्री काली माता मंदिर एवं अन्य 4-5 मंदिरों में प्रतिदिन प्रसाद हेतु दूध दिया जाता है।
नगर निगम द्वारा गोबर से सीवरेज ब्लॉकेज की बात कहे जाने पर ट्रस्ट ने स्पष्ट किया कि गौशाला द्वारा सारा गोबर उठवाने एवं शहर से बाहर भेजने पर प्रतिमाह 25 से 30 हजार रुपये का व्यय किया जाता है, जिससे गौशाला का गोबर किसी भी प्रकार से नगर की सीवरेज व्यवस्था में शामिल नहीं होता।
सभा के अंत में नगर की समस्त धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं ने एक स्वर में प्रशासन से अपील की कि श्री कल्याणी माता गौशाला चैरिटेबल ट्रस्ट को जारी किया गया यह नोटिस तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए।
