सुपरस्टार राजेश खन्ना: शोहरत, रिश्ते और आखिरी दिनों की कहानी
(फीचर आर्टिकल, 30 मार्च, नवनीत बंसल, न्यूजरूम 7 के लिए विशेष) हिंदी सिनेमा के पहले सुपरस्टार राजेश खन्ना की लोकप्रियता आज भी लोगों के दिलों में बसी हुई है। उनकी स्टाइल, मुस्कान और अदाकारी पर फैंस इस कदर फिदा थे कि लड़कियां उनकी एक झलक पाने के लिए बेकरार रहती थीं। यहां तक कि उनकी सफेद कार को लिपस्टिक से रंग देने जैसी दीवानगी के किस्से आज भी मशहूर हैं। दर्शकों से उनका गहरा जुड़ाव ही उन्हें उस मुकाम तक ले गया, जहां पहुंचना हर कलाकार का सपना होता है।
अपने करियर में उन्होंने अपार सफलता और दौलत हासिल की, लेकिन निजी जिंदगी उतनी ही उतार-चढ़ाव भरी रही। उन्होंने अभिनेत्री डिंपल कपाड़िया से शादी की, लेकिन उम्र के अंतर और स्वभाव में भिन्नता के कारण उनका वैवाहिक जीवन ज्यादा सुखद नहीं रहा। शादी के बाद डिंपल खुद को बेहद खुशकिस्मत मानती थीं। दोनों की दो बेटियां—ट्विंकल खन्ना और रिंकी खन्ना—हुईं, लेकिन समय के साथ परिवार बिखर गया।
समय के बदलते दौर में राजेश खन्ना का स्टारडम धीरे-धीरे कम होने लगा और अमिताभ बच्चन का दौर शुरू हुआ। फिल्मों में असफलता और निजी जीवन की परेशानियों ने उन्हें भीतर से कमजोर कर दिया, जिसके चलते वह डिप्रेशन में रहने लगे। साल 2011 में उनकी तबीयत बिगड़ी और जांच के बाद कैंसर का पता चला, जिसके चलते उन्हें लंबा इलाज कराना पड़ा।
अपने अंतिम दिनों में राजेश खन्ना काफी शांत रहने लगे थे। उनकी सबसे बड़ी इच्छा यही थी कि उनकी बेटियां उनके पास रहें। उस समय ट्विंकल खन्ना गर्भवती होने के कारण ज्यादा साथ नहीं रह पाईं, लेकिन रिंकी खन्ना हर समय उनके साथ रहीं। इस दौरान डिंपल कपाड़िया ने भी उनकी सेवा में कोई कमी नहीं छोड़ी।
जब उन्हें अपने अंत का आभास हुआ, तो उन्होंने अपनी वसीयत तैयार करवाई। बताया जाता है कि जब उन्होंने डिंपल कपाड़िया से इस बारे में चर्चा की, तो उन्होंने साफ शब्दों में कह दिया कि उन्हें कुछ नहीं चाहिए और सारी संपत्ति बच्चों को दे दी जाए। इसके बाद राजेश खन्ना ने अपनी पूरी संपत्ति अपनी दोनों बेटियों के नाम कर दी।

