मेरा भारत महान…… जब दुनिया के कई हिस्से अशांति, आर्थिक संकट और युद्ध की आग में झुलस रहे हैं, तब भारत में रंगों की फुहारें उड़ रही हैं।

                    मेरा भारत महान

(पटियाला 6th March – फीचर लेख नवनीत बंसल न्यूजरूम 7) जब दुनिया के कई हिस्से अशांति, आर्थिक संकट और युद्ध की आग में झुलस रहे हैं, तब भारत में रंगों की फुहारें उड़ रही हैं। होली के गुलाल से सजी गलियां, क्रिकेट के नारों से गूंजते स्टेडियम और सिनेमा हॉल के बाहर उमड़ती भीड़—यह दृश्य केवल उत्सव नहीं, बल्कि स्थिरता, आत्मविश्वास और जीवंत लोकतंत्र का प्रतीक है।
भारत के पड़ोस पर नजर डालें तो हालात चुनौतीपूर्ण दिखाई देते हैं। पाकिस्तान में आर्थिक संकट गहराया हुआ है। महंगाई आसमान छू रही है—पेट्रोल और खाद्य पदार्थों की कीमतें आम नागरिक की पहुंच से बाहर होती जा रही हैं। वहीं आंतरिक सुरक्षा चुनौतियां, सीमावर्ती तनाव और आतंकवादी गतिविधियां वहां की स्थिति को और जटिल बना रही हैं।
अफगानिस्तान के साथ पाकिस्तान के संबंध भी तनावपूर्ण बने हुए हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों में झड़पें, तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) की सक्रियता और शरणार्थी संकट ने दोनों देशों के बीच अविश्वास बढ़ाया है।
बांग्लादेश भी राजनीतिक अस्थिरता और आर्थिक दबाव से जूझ रहा है। औद्योगिक विकास की गति प्रभावित हुई है और निवेश का माहौल भी अनिश्चितता के दौर से गुजर रहा है।
म्यांमार में हालात और भी गंभीर हैं, जहां सेना और विद्रोही समूहों के बीच संघर्ष ने लगभग गृहयुद्ध जैसी स्थिति पैदा कर दी है।
श्रीलंका हाल के आर्थिक पतन से उबरने की कोशिश कर रहा है। कर्ज, महंगाई और राजनीतिक उथल-पुथल ने वहां की व्यवस्था को गहरे तक प्रभावित किया है।
नेपाल में भी समय-समय पर राजनीतिक अस्थिरता के दौर देखने को मिले हैं, जहां सत्ता परिवर्तन की तेज उठापटक लोकतांत्रिक व्यवस्था को चुनौती देती रही है।
यदि वैश्विक परिदृश्य पर नजर डालें तो स्थिति और भी चिंताजनक दिखाई देती है। मध्य-पूर्व में ईरान और इज़राइल के बीच बढ़ते तनाव ने पूरे क्षेत्र में युद्ध की आशंका को जन्म दिया है। वहीं दूसरी ओर यूक्रेन और रूस के बीच तीन वर्षों से जारी युद्ध ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को गहरे तक प्रभावित किया है। ऊर्जा संकट, खाद्य आपूर्ति की बाधाएं और बढ़ती महंगाई ने पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया है।
इन वैश्विक और क्षेत्रीय चुनौतियों के बीच भारत अपेक्षाकृत स्थिर, मजबूत और आत्मविश्वासी दिखाई देता है। यहां लोकतांत्रिक प्रक्रिया निरंतर चल रही है, चुनाव समय पर हो रहे हैं, उद्योग और व्यापार गति पकड़ रहे हैं और आम नागरिक अपने त्योहार पूरे उत्साह से मना रहा है।
रंगों का त्योहार होली पूरे उल्लास के साथ पूरे देश में मनाई गई। इसी बीच क्रिकेट के मैदान से भी देश के लिए उत्साहजनक खबर आई है। भारतीय क्रिकेट टीम ने इंग्लैंड को रोमांचक मुकाबले में हराकर आईसीसी टी20 विश्व कप के फाइनल में प्रवेश कर लिया है। देश भर में क्रिकेट प्रेमियों में जबरदस्त उत्साह है और अब सभी की निगाहें विश्व कप ट्रॉफी पर टिकी हुई हैं। कुछ ही दिनों में इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) का रोमांच भी शुरू होने वाला है, जो क्रिकेट के इस उत्साह को और बढ़ा देगा। मनोरंजन जगत में भी उत्साह कम नहीं है। सनी देओल की फिल्म गबरू और रणवीर सिंह अभिनीत धुरंधर 2 जल्द ही रिलीज़ होने वाली हैं। सिनेमाघरों के बाहर बढ़ती हलचल यह संकेत दे रही है कि भारतीय सिनेमा का आकर्षण पहले की तरह मजबूत बना हुआ है।
यह केवल उत्सवों की श्रृंखला नहीं, बल्कि एक राष्ट्र की सामूहिक शक्ति और स्थिरता का प्रतीक है। भारत ने अनेक चुनौतियों के बीच भी अपने लोकतांत्रिक मूल्यों, आर्थिक प्रगति और सामाजिक सामंजस्य को बनाए रखा है।
आज जब हम कहते हैं “मेरा भारत महान”, तो यह केवल एक नारा नहीं, बल्कि उस विश्वास की अभिव्यक्ति है कि विविधताओं से भरा यह देश कठिन परिस्थितियों में भी संतुलन, विकास और शांति का मार्ग चुनने की क्षमता रखता है।
हम भारतीय सचमुच भाग्यशाली हैं कि हमें अपने सपनों को आकार देने, अपने त्योहार मनाने और अपने भविष्य को संवारने की स्वतंत्रता और अवसर प्राप्त हैं।
मेरा भारत — सच में महान !
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